Back to Collection
ये न पुछो कहां और किधर जाएंगे हम तो बांके बिहारी के दर जाएंगे
Listen while reading lyrics
ये न पुछो कहां और किधर जाएंगे हम तो बांके बिहारी के दर जाएंगे न इधर जाएंगे न उधर जाएंगे हम तो बांके बिहारी ——— ये न ------ मुरली वाले की मुरत मनोहर बडी जी करे मैं निहारा करुं हर घडी चूम कर उनकी चौखट संवर जाएंगे हम तो बाँके बिहारी——[ ये न ------- है सुना मैने ब्रज धाम जो जाते हैं कृष्ण उनके ,वो कृष्णा के हो जाते हैं सारी खुशियों को झोली में भर लाएंगे हम तो बाँके बिहारी—— ये न ------ गहरा सागर है या बीच मझधार है श्याम के हाथों में मेरी पतवार है सभी भक्तों के संग हम भी तर जाएंगे हम तो बाँके बिहारी——
